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ग्रीनसेल मोबिलिटी पर बढ़ा संस्थागत निवेशकों का भरोसा, इम्पैक्ट फंड डेनमार्क (आईएफडीके) से मिला 330 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश
इस रकम से देशभर में करीब 4,500 इलेक्ट्रिक बसें उतारने में मिलेगी मदद
मुंबई, 13 अक्टूबर 2026: ग्रीनसेल मोबिलिटी को इम्पैक्ट फंड डेनमार्क (आईएफडीके) से 330 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश मिला है। कंपनी ने आज इसकी घोषणा की। एवरसोर्स कैपिटल के पोर्टफोलियो में शामिल ग्रीनसेल किसी एक बस निर्माता से बंधे बिना इलेक्ट्रिक बसें चलाने वाला देश का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। नई पूंजी से उन करीब 4,500 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती में मदद मिलेगी, जिन पर अभी काम चल रहा है। इसके बाद देश के 105 शहरों में कंपनी का बेड़ा 5,000 से ज्यादा ई-बसों का हो जाएगा।
एवरसोर्स कैपिटल के सीईओ धनपाल झवेरी ने कहा, “भारत में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन शुरुआती दौर से निकलकर अब इन्फ्रास्ट्रक्चर की ऐसी श्रेणी बनता जा रहा है, जिसमें बड़े निवेशक भरोसे के साथ पैसा लगा सकते हैं। ग्रीनसेल की नींव इसी सोच पर रखी गई थी। मकसद था कामकाज की ऐसी क्षमता और ऐसा पैमाना खड़ा करना, जिस पर एक टिकाऊ कारोबार बनाया जा सके। आईएफडी का यह निवेश दिखाता है कि आज ग्रीनसेल मोबिलिटी को लंबी अवधि के संस्थागत निवेशकों का कितना मजबूत साथ मिल रहा है। अब इस पूंजी को अनुशासन के साथ काम में लगाने की बारी है, ताकि कारोबार का विस्तार हो, कंपनी की क्षमताएं और मजबूत हों, और जैसे-जैसे भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाता जाए, लंबे समय तक कायम रहने वाली वैल्यू तैयार हो।”
ग्रीनसेल मोबिलिटी के एमडी और सीईओ देवेंद्र चावला ने कहा, “हम आईएफडी का अपने शेयरधारक के रूप में स्वागत करते हैं। ग्रीनसेल को आगे ले जाने के सफर में एवरसोर्स, आईएफसी, बीआईआई और टाटा कैपिटल लगातार हम पर भरोसा जताते रहे हैं, इसके लिए हम उनके आभारी हैं। शहर के भीतर हो या एक शहर से दूसरे शहर तक, दोनों तरह की बस सेवाओं में हमने अपनी पक्की जगह बनाई है। तैनाती का दायरा और उसकी पेचीदगी लगातार बढ़ रही है और उसे संभालने का अनुभव हमारे पास है। अब हमारा जोर इस बात पर है कि जो ऑर्डर हाथ में हैं, उन्हें पूरी सटीकता से अमल में लाएं, सेवा का स्तर और ऊंचा करें और कामकाज जितना बड़ा व जटिल हो रहा है, संगठन भी उसी हिसाब से तैयार रहे। इस निवेश से हमें अपनी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिलेगी। साथ ही हम भरोसेमंद सेवा, कार्यकुशलता और ग्राहकों के अच्छे अनुभव के उन मानकों को भी बनाए रख पाएंगे, जिन पर हमारा पूरा कारोबार टिका है।”
इम्पैक्ट फंड डेनमार्क के सीईओ लार्स बो बर्ट्रम ने कहा, “इम्पैक्ट फंड डेनमार्क के लिए भारत सबसे अहम बाजारों में से एक है। तेजी से बढ़ते इस बाजार में ग्रीनसेल निवेश का अच्छा मौका है। साथ ही यह कंपनी वायु प्रदूषण से निपटने में भी हाथ बंटा रही है, जो भारत की बड़ी चुनौतियों में से एक है। इलेक्ट्रिक परिवहन का दायरा बढ़ने से शहरों की हवा साफ करने में मदद मिल सकती है और भारत के हरित बदलाव की रफ्तार तेज हो सकती है।”


